भाजपा नेता सुधीर शर्मा ने किया तीखा हमला, बोले प्रियंका गांधी के छराबड़ा स्थित घर की करते हैं देख रेख
प्रदेश को चलाना वॉचमैन के वश की बात नहीं
धर्मशाला: भाजपा नेता सुधीर शर्मा ने सीएम सुक्खू पर एक और तंज कसा है। मीडिया को जारी प्रेस नोट में सुधीर शर्मा ने कहा कि सीएम सुक्खू सीएम बनने की काबिलियत नहीं रखते थे, लेकिन वह छराबड़ा स्थित प्रियंका गांधी के घर के केयरटेकर थे, इसलिए हाईकमान ने उन्हें बख्शीश में यह सीएम का पद दे दिया, लेकिन सीएम सुक्खू प्रदेश को चलाने में पूरी तरह से नाकाम रहे। सुधीर शर्मा ने कहा कि सीएम सुक्खू सरकार को पार्टी संगठन की तरह चलाना चाहते थे। सुक्खू को प्रशासनिक तजुर्बा नहीं है और न ही उन्होंने इसे सीखने की जरूरत समझी। सीएम की कुर्सी मिलते ही सत्ता के नशे में मदहोश होकर जनविरोधी फैसले लेने शुरू कर दिए। चाहे वह लोगोंं को सुविधा देने वाले संस्थान हों या क्रशर, सबको बंद कर दिया। धर्मशाला के कई प्रोजेक्ट भी ठंडे बस्ते में डाल दिए। सुधीर शर्मा ने कहा कि आज लोग समझ रहे हैं कि किस तरह मुख्यमंत्री धर्मशाला से सब प्रोजेक्ट्स ले जाने की तैयारी कर रहे हैं। खुद तो मुख्यमंत्री को कुछ करना आता नहीं है, लेकिन जो दूसरों ने किया होता है, बस उसी को छीनने का प्रयास हमेशा करते रहते हैं। उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगता कि जनता के साथ उनका कोई कनेक्ट भी हो रहा है। इसलिए 15 महीनों के भीतर ही सरकार के खिलाफ लोगों में रोष इस कद्र बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि हमारे जीतने से विधायक नहीं बल्कि प्रदेश में भाजपा की सरकार बनेगी और प्रदेश फिर से विकास के पथ पर अग्रसर होगा।
धर्मशाला में क्यों नहीं करवाई रैली
सुधीर शर्मा ने चंबी में आयोजित कांग्रेस की रैली पर तंज कसते हुए कहा कि धर्मशाला में विकास किया होता तो रैली के लिए चंबी मैदान की तरफ नहीं भागना पड़ता। पिछले डेढ साल से धर्मशाला के साथ अनदेखी की गई, इस लिए प्रियंका गांधी को भी जिला मुख्यालय के बजाय चंबी में रैली को संबोधित करना पड़ा।
घर बुलाकर कांग्रेस ने मीडिया को किया अपमानित सुधीर शर्मा ने कहा कि चंबी मैदान में पहले तो मीडिया को विशेष तौर पर बुलाया गया, लेकिन प्रियंका गांधी ने मीडिया को बिका हुआ कह कर अपमानित कर दिया। मजे की बात तो यह है कि प्रदेश के सीएम भी चुपचाप सुनते रहे। सुधीर शर्मा ने कहा कि जो लोग लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को अपमानित कर सकते हैं तो आम आदमी की इनकी नजर में क्या कद्र होगी।

