हिमाचल सरकार
हिमाचल सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों के माध्यम से एचआरटीसी का घाटा कम करने की तैयारी कर रहा है। एचआरटीसी का घाटा कम होने से कर्मचारियों व पेंशनरों को समय रहते सैलरी व पेंशन देने में भी आसानी होगी। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन के लिए मुख्य रूप से बसों या टैक्सियों का संचालन प्रदेश सरकार के उपक्रमों या निजी ऑपरेटरों के माध्यम से किया जाता है। वर्तमान में एचआरटीसी के पास पहले से ही 95 इलेक्ट्रिक बसें हैं और निकट भविष्य में यह संख्या और बढ़ाई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने 75, टाइप-1 ई-बसें खरीदने का भी फैसला किया है, जिसके लिए टेंडर जारी कर दिए हैं और अगले महीने तक लेटर ऑफ अवार्ड जारी कर दिया जाएगा। सरकार राज्य में चार्जिंग स्टेशन और आवश्यक बुनियादी ढांचे को विकसित करने की भी योजना बना रही है। इलेक्ट्रिक वाहनों पर जोर दे रही सरकार सरकार का लक्ष्य ई-वाहनों के क्षेत्र में राज्य को एक मॉडल बनाना और कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए रणनीति के हिस्से के रूप में ई-वाहनों के उपयोग को प्रोत्साहित करना है। राज्य सरकार की इन पहलों और सुधारों से निश्चित रूप से एचआरटीसी को आत्मनिर्भर बनाने, बेहतर वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराने, अपने कर्मचारियों और पेंशनरों को वेतन और पेंशन का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने में भी मदद मिलेगी।