कोलकाता। पश्चिम बंगाल में नौ लोकसभा सीटों पर शनिवार को अंतिम चरण के चुनाव के दौरान विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों से मतदान केंद्रों के बाहर छिटपुट हिंसा की रिपोर्ट सामने आईं और विभिन्न बूथों पर मतदान एजेंटों को भगाने का प्रयास किया गया है। पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना के कुलताई में बूथ संख्या 40, 41 पर भीड़ द्वारा कथित तौर पर ईवीएम और वीवीपैट मशीन को पानी में फेंक दिया गया। स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के मुताबिक मतदाताओं को कथित तौर पर टीएमसी समर्थकों ने धमकी दी है। इससे भीड़ उत्तेजित हो गई और ईवीएम को तालाब में फेंक दिया।
राज्य के हिंसाग्रस्त संदेशखाली के बरमाजुर गांव में कल रात मतदाताओं को डराने धमकाने की कोशिश की गई, जहां महिलाओं ने एकजुट होकर गांव की रखवाली की और समूह में बढ़-चढ़कर मतदान करने का फैसला किया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि चहेरे पर नकाब ओढ़े अज्ञात बदमाशों ने ग्रामीणों पर हमला किया और उन्हें बशीरहाट लोकसभा क्षेत्र में वोट न डालने की धमकी दी।
बारानगर विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) उम्मीदवार सजल घोष के मुख्य चुनाव एजेंट कौस्तव बागची ने आरोप लगाया कि उत्तर कोलकाता लोकसभा सीट के लिए बोनहुगली हाई स्कूल मतदान केंद्र पर दो एजेंट थे, लेकिन उनमें से एक एजेंट को मतदान केन्द्र से बाहर निकाल दिया गया। उन्होंने इसकी शिकायत भारत निर्वाचन आयोग से की है। भांगर क्षेत्र में तृणमूल कांग्रेस और आईएसएफ के समर्थकों के बीच हिंसा की रिपोर्ट भी सामने आयी हैं। भांगर के अंतर्गत कथित आईएसएफ समर्थकों द्वारा सतुलिया तृणमूल कांग्रेस कार्यालय में तोड़फोड़ की गई, जहां कल रात बम विस्फोट की भी सूचना मिली थी और एक बम बरामद किया गया था।
डायमंड हार्बर से मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी उम्मीदवार प्रतिकुर रहमान ने आरोप लगाया कि मतदान केन्द्र पर एक फर्जी एजेंट बैठा हुआ मिला जिसे माकपा का एजेंट बताया गया है। जबिक श्री रहमान ने उनका एजेंट होने की बात से इनकार किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक तृणमूल समर्थक को एजेंट के रूप में बैठाया गया है और पीछा करने पर आखिरकार वह भाग गया। श्री रहमान ने आरोप लगाया कि पीठासीन अधिकारी पक्षपातपूर्ण व्यवहार कर रहे हैं।
इस चरण में बारानगर विधानसभा सीट के साथ डायमंड हार्बर, दम दम, बारासात, बशीरहाट, जयनगर, मथुरापुर, जादवपुर, कोलकाता दक्षिण और कोलकाता उत्तर में मतदान हो रहा है।